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Bihar News: बिहार में फिर शुरू होगी फसल बीमा योजना, 15 नवंबर से किसान कर सकेंगे आवेदन

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में रबी 2026-27 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फिर लागू करने की तैयारी है। किसानों से 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक आवेदन लेने की तैयारी है।

पटना, 3 अक्टूबर आलम की खबर: बिहार के किसानों के लिए फसल नुकसान से जुड़ी आर्थिक सुरक्षा को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रबी 2026-27 मौसम से दोबारा लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक रबी मौसम के लिए किसानों से 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक बीमा आवेदन लेने की तैयारी है। विभाग की वेबसाइट पर भी रबी 2026-27 से PMFBY के पुनः क्रियान्वयन से संबंधित सूचना जारी की गई है।

करीब सात साल बाद योजना की वापसी की तैयारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बिहार में लंबे अंतराल के बाद फिर लागू किए जाने की तैयारी में है। रबी 2026-27 से योजना शुरू करने को लेकर सहकारिता विभाग ने प्रक्रिया तेज की है।

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की है। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने और किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीमा कंपनियों के चयन से जुड़ा निविदा प्रस्ताव भी केंद्र सरकार के पास वैलिडेशन के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। यानी आवेदन शुरू होने से पहले योजना की प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी करने पर काम किया जा रहा है।

15 नवंबर से आवेदन की तैयारी

रबी 2026-27 के लिए किसानों के आवेदन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक लिए जाने की तैयारी है। किसानों को इस अवधि के दौरान अपने क्षेत्र में योजना के तहत शामिल फसल और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी की पुष्टि करके आवेदन करना होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय किसानों के लिए समय रहते जरूरी कागजात और बैंक से संबंधित जानकारी तैयार रखना उपयोगी होगा। योजना के अंतिम परिचालन निर्देश जारी होने पर आवेदन की पूरी प्रक्रिया और फसलवार विवरण स्पष्ट होगा।

फसल खराब हुई तो बीमा से मिलेगी आर्थिक सुरक्षा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और निर्धारित जोखिमों के कारण फसल को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। केंद्र सरकार के अनुसार योजना में सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीट और बीमारियों समेत कई निर्धारित जोखिमों से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है।

हालांकि हर नुकसान पर स्वतः एक समान राशि नहीं मिलती। बीमा लाभ संबंधित फसल, क्षेत्र, योजना में शामिल जोखिम और निर्धारित नुकसान आकलन प्रक्रिया के आधार पर तय होता है।

किसान को कितना प्रीमियम देना होगा?

PMFBY में किसानों के लिए प्रीमियम की अधिकतम दरें निर्धारित हैं। रबी खाद्य और तिलहन फसलों के लिए किसान का हिस्सा अधिकतम 1.5 प्रतिशत है। खरीफ खाद्य और तिलहन फसलों के लिए यह अधिकतम 2 प्रतिशत, जबकि व्यावसायिक और बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत है। शेष पात्र प्रीमियम में सरकार की सब्सिडी व्यवस्था शामिल होती है।

इसका मतलब यह है कि योजना के तहत बीमा की पूरी लागत किसान को अकेले वहन नहीं करनी होती। किसान की ओर से देय हिस्सा निर्धारित सीमा तक रहता है।

नुकसान का आकलन कैसे होगा?

फसल खराब होने की स्थिति में बीमा लाभ के लिए नुकसान का आकलन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है। इसमें संबंधित फसल और क्षेत्र के आधार पर तय प्रक्रिया अपनाई जाती है।

इसलिए किसान के लिए जरूरी है कि बीमा आवेदन की रसीद और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें। फसल नुकसान की स्थिति में निर्धारित समय और प्रक्रिया के अनुसार सूचना देना भी महत्वपूर्ण होगा।

आवेदन से पहले किसान ये काम जरूर करें

रबी 2026-27 में PMFBY का लाभ लेने की तैयारी कर रहे किसानों को आवेदन से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच कर लेनी चाहिए।

सबसे पहले यह पता करें कि उनकी जमीन और बोई जाने वाली फसल संबंधित बीमा योजना में शामिल है या नहीं। इसके बाद आधार या अन्य पहचान संबंधी जानकारी, बैंक खाता, जमीन से जुड़े कागजात और खेती से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड तैयार रखें।

आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या पावती जरूर सुरक्षित रखें। भविष्य में बीमा से संबंधित किसी दावे या जानकारी के लिए यह दस्तावेज उपयोगी हो सकता है।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है योजना?

बिहार में बाढ़, सूखा, अत्यधिक बारिश और मौसम में बदलाव जैसी परिस्थितियों के कारण खेती प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में फसल बीमा किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान के खिलाफ एक निर्धारित सुरक्षा उपलब्ध कराता है।

हालांकि बीमा योजना का लाभ नियमों और पात्रता के अनुसार ही मिलेगा। इसलिए किसानों को केवल योजना का नाम देखकर आवेदन नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने क्षेत्र, फसल और लागू शर्तों की जानकारी भी जांचनी चाहिए।

विभाग ने समय पर तैयारी पूरी करने पर दिया जोर

सहकारिता विभाग की ओर से PMFBY को रबी 2026-27 से लागू करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना के पुनः क्रियान्वयन से संबंधित आदेश भी उपलब्ध है।

अब किसानों की नजर आवेदन शुरू होने की तारीख पर रहेगी। यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो 15 नवंबर से आवेदन शुरू होंगे और 15 जनवरी 2027 तक आवेदन लिए जाएंगे।

रबी की खेती शुरू करने वाले किसानों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपने जिले और फसल के संबंध में जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों को देखें और निर्धारित समय के भीतर बीमा आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।

यह भी पढ़ें: बिहार में किसानों और खेती से जुड़ी योजनाओं की ताजा जानकारी Alam Ki Khabar पर पढ़ें।

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